नकली नोट देकर ‘असली’ खेल, पैसे डबल करने का लालच देकर ठगी करने वाला शातिर धराया

नकली नोट देकर ‘असली’ खेल, पैसे डबल करने का लालच देकर ठगी करने वाला शातिर धराया

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नकली नोट देकर ‘असली’ खेल, पैसे डबल करने का लालच देकर ठगी करने वाला शातिर धराया



लखनऊ: नेपाल से लाए गए नकली नोट थमा कर तीन लाख रुपये हड़पने वाले अजीत मौर्या को लखनऊ में सरोजनीनगर पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। जो गोंडा जिला पंचायत का सदस्य रह चुका है। अजीत ने तीन लाख रुपये के बदले छह लाख रुपये देने का लालच देकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया था। अजीत ने बताया कि बताया कि उसने अपराध करना इसलिए शुरू कर दिया क्योंकि उसे 2 पत्नियों, 4 बच्चों और 6 गर्लफ्रेंड्स को पालना था।

डीसीपी दक्षिण विनीत जायसवाल ने बताया कि बुधवार को गोण्डा जलालपुर बुधनी बाजार निवासी अजीत मौर्या को गिरफ्तार किया गया है। मौजूदा वक्त में पीजीआई साउथ सिटी में किराए के मकान में रहता है। अजीत के खिलाफ उन्नाव असोहा निवासी धर्मेंद्र कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता के पास अन्जान नम्बर से कॉल आई थी। फोन करने वाले ने आधे घंटे में रुपये डबल करने की स्कीम के बारे में बताया था। झांसे में फंस कर धर्मेंद्र कुमार ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात कुछ युवकों से हुई। स्कार्पियो सवार युवकों ने धर्मेंद्र से तीन लाख रुपये लिए। जिसके बदले छह लाख रुपये धर्मेंद्र को थमा दिए। जिसके बाद युवक गाड़ी लेकर भाग निकले। धर्मेंद्र ने नकली नोट देख कर सरोजनीनगर कोतवाली पहुंच कर मुकदमा दर्ज कराया। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक कार शोरूम के पास लगे सीसी कैमरों की फुटेज से ठगों की कार का नम्बर मिला। साथ ही धर्मेंद्र को कॉल करने वाले नम्बर को सर्विलांस पर लेकर जांच शुरू की गई।

अजीत के साथ गिरोह में दो लोग और शामिल हैं। जिनकी तलाश पुलिस कर रही है। आरोपी ने बताया कि वह रेडंम मोबाइल नम्बर डॉयल करता है। इसके बाद लोगों को आधे घंटे में रुपये डबल करने की स्कीम बताई जाती है। झांसे में फंसने वालों को विश्वास दिलाने के लिए पहले असली नोट को नकली बता कर दिया जाता है। चिह्नित व्यक्ति नकली नोट समझ कर असली नोट बाजार में चलाता है। जिससे पकड़ नहीं होती। इसके बाद लोग खुद ही अजीत व उसके साथियों से सम्पर्क करते हैं। दोबारा फोन आने पर वह लोग बड़ी रकम मांगते हैं। लालच में फंसा व्यक्ति दोगुने रुपये के लालच में फंस कर आसानी से बताई हुई जगह पर पहुंचा जाता है। इसके बाद गिरोह के सदस्य गड्डी के ऊपर और नीचे कुछ असली नोट लगा कर नकली नोट की गड्डी थमा कर भाग जाते हैं।



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